Thursday, May 14, 2009

गिरता गिरता गिर ही गया....

hello ji......
how r u????? i know sab maje hi honge apke....

some time i m feeling so weak and negative to my personality disorder....some time i m feeling nurvous.....some time i think that i m failure in life....some i think that i m fall in mud...some time i m feel that people are laughing on me....some time i think that i m fool in present condition....sometime i m boired with my life....some time i m feeling a lot of pain...some time i m
very tensed to think about my future.....


अरे बहुत हो गया...सम टाइम..........मुझे तो बस इतना सा लगता है की.....में दुनिया से कही ज्यादा पीछे हूँ ...और मेरे सामने बस एक गड्ढा है कीचड़ से भरा जिसमे में डूबकर मरने की कोशिश कर रहा हूँ ... उसमे गिरता ही जा रहा हूँ.....पर ....कम्बखत मौत भी मुझे गले नही लगाती.....


गिरता गिरता गिर ही गया
उठने की कोशिश की तो
फिर गिर गया, दरवाजे तक
तो पहुँच गया पर भीतर जाने को न हुआ।

उठता उठता फिर गिर गया
सोचता रहा औरों ने मुझे गिराया है,
पता चला मैं तो खुद ही गिर गया।
शीशे मैं देखा तो दंग रह गया,
न मैं था न मेरा प्रतिबिम्ब था,
अपनी नज़रों से भी गिर गया था मैं
शीशे मैं देखा न मैं था
न मेरा प्रतिबिम्ब था।

रोज रोज वही कहानी दोहराता गया
सुबह को प्रण लेता, रात होते होते
भूल जाता गया। अपनी नाकामी का
इलजाम औरों पे लगाता गया, पता चला
अपना गुनाहगार तो खुद हूँ मैं।

इतना गिरा हूँ की गड्डे में भी
आबाद हूँ शर्म और हया से
अनजान हूँ मैं, मौत भी मुझे
गले न लगायेगी
इसीलिए शायद जिंदा हूँ मैं
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Posted on by Abhishek Jain | 2 comments

2 comments:

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  2. raina ji.............mene kya likha hai aap use samaj nhi pay

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